Coinbazaar.com

प्रारंभिक उत्तर िारत और इिके भिक्के (तीिरी शताब्दी ईिा पूि-षतीिरी शताब्दी ईस्िी)

₹6,250
SKU: H0016
❌ Out of Stock


** - **Condition:** UNC (NEW) – 100% Genuine Item ✅ - **In-depth Analysis:** Covers 600 years of Indian history from 3rd century BCE to 6th century CE. - **Authoritative Work:** Written by renowned author श्री देवेन्द्र हाण्डा. - **Cultural Insight:** Explores political, economic, and artistic dimensions of early Indian coins. - **Highly Collectible:** A must-have for enthusiasts of Indian numismatics! ⭐ - **Best Investment Item:** Perfect addition to any serious collector's library! 💰

Description

यह पुस्तक प्रारंभिक उत्तर िारतीय भिक्कों के िमद्ृ ध और विशाल इततहाि का अिलोकन
करती हैऔर देश के आकर्षक अतीत की एक झलक पेश करती है। श्री देिेन्द्र हाण्डा रचित पुस्तक "प्रारंभिक
उत्तर िारत और इिके भिक्के (तीिरी शताब्दी ईिा पूि-षतीिरी शताब्दी ईस्िी)" िारतीय मुराशास्रीय
अध्ययन के िन्द्दिष में एक मील का पत्थर है। यह पस्ुतक, हहदं जु ा फाउं डेशन परुािशेर् िंग्रह के प्रबंधक
श्री मनीर् िमाष द्िारा अनुिाहदत है। यह उत्तर िारत के प्रारंभिक स्िदेशी ऐततहाभिक भिक्कों के िबिे बडे
िंग्रह पर ििाष करने िाली पहली व्यापक और िचिर कृतत है। तीिरी शताब्दी ईिा पूिष िे तीिरी शताब्दी
ईस्िी तक के ६०० िर्ों के इततहाि को िमाहहत ककये हुए यह पुस्तक गहराई और िटीकता के िाथ
प्रारंभिक उत्तर िारतीय स्थानीय भिक्कों के राजनीततक, आचथषक, िांस्कृततक और कलात्मक आयामों का
विश्लेर्ण करती... ** "प्रारंभिक उत्तर भारत और इसके भिक्के (तीरवीं शताब्दी ईसा पूर्व-षष्टवीं शताब्दी ईस्वी)" एक महत्वपूर्ण और अद्वितीय पुस्तक है, जो भारतीय पुरातत्त्व और ऐतिहासिक अध्ययन में एक मील का पत्थर मानी जाती है। इस पुस्तक में उत्तर भारत के प्रारंभिक स्थानीय भिक्कों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है, जिसमें 600 वर्षों का इतिहास समाहित है, जो तीरवीं शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर षष्टवीं शताब्दी ईस्वी तक फैला हुआ है। लेखक श्री देवेन्द्र हाण्डा की यह कृति, हिन्दुस्तान फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित की गई है, जो संग्रहणीय वस्तुओं के प्रति उत्साही लोगों और शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत मूल्यवान है। इस पुस्तक का विशेष आकर्षण इसकी विस्तृत और गहन सामग्री है, जो राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और कलात्मक पहलुओं को उजागर करती है। इसकी अनोखी स्थिति (UNC) और उत्कृष्ट प्रकाशन गुणवत्ता इसे एक विशेष संग्रहणीय वस्तु बनाते हैं। यदि आप भारतीय इतिहास और संस्कृति में रुचि रखते हैं, तो यह पुस्तक आपकी पुस्तकालय में अवश्य होनी चाहिए। **

🔒 Secure Checkout✅ 100% Genuine📦 Free Packaging
100% GenuineAuthentic, verified pieces
Trusted Since 200520+ years serving collectors
Fast DispatchShips within 1–2 days
Doorstep DeliveryDelivered in 3–7 days
7-Day ReturnsIf wrong / not genuine
Secure PaymentRazorpay protected

7-Day Return & Refund: accepted only if the item delivered is not genuine or is the wrong item. Every piece is 100% authentic and offered at our lowest-price deal.

Newly Uploaded

View All →